TriPeaks के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या TriPeaks के सभी विन्यास जीते जा सकते हैं?
नहीं। डील TP1-C-AAAAAAD जीती नहीं जा सकती: सबसे अच्छा खेलने पर भी शिखरों में 10 पत्ते रह जाते हैं और सभी चालक्रम आज़माने वाला प्रोग्राम इसे साबित करता है। ऐप बाज़ी के दौरान यह नहीं बताता: इसमें न संकेत हैं, न हल खोजने वाला सॉल्वर।
आसान और क्लासिक में क्या अंतर है?
आसान मोड में, जो ऐप का डिफ़ॉल्ट नियम है, बादशाह और इक्का एक-दूसरे के क्रम में माने जाते हैं: इक्का बादशाह पर और बादशाह इक्के पर रखा जा सकता है। क्लासिक मोड में वे आपस में नहीं जुड़ते। एक ही डील आसान मोड में जीती जा सकती है और क्लासिक में नहीं: AAAAAAD इसका उदाहरण है।
छिपा पत्ता कब पलटता है?
शुरुआत में केवल नीचे के 10 पत्ते दिखाई देते हैं। किसी छिपे पत्ते को ढकने वाले दोनों पत्ते हटते ही वह पलट जाता है और खेला जा सकता है। जो पत्ता अभी भी छिपा है, उसे नहीं खेल सकते।
गड्डी से पत्ता कब खींचना चाहिए?
ऐप किसी भी समय ड्रॉ करने देता है, लेकिन 23 पत्तों में से हर पत्ता केवल एक बार काम आता है और ड्रॉ ढेर दोबारा नहीं भरा जा सकता। हर ड्रॉ पर 1 अंक भी कटता है। ड्रॉ करने से पहले देखें कि कोई खेलने योग्य पत्ता अब भी डिस्कार्ड पत्ते से सटे दर्जे का तो नहीं है।
स्कोर कैसे गिना जाता है?
स्कोर 500 अंकों से शुरू होता है। हर चाल, चाहे पत्ता हटाना हो या ड्रॉ करना, 1 अंक घटाती है और जिस पत्ते को हटाने से शिखर खाली होता है, उससे 100 अंक जुड़ते हैं। इसलिए बिना ड्रॉ किए जीती गई बाज़ी का स्कोर 772 अंक होता है, जो अधिकतम है।
बाज़ी का कोड किस काम आता है?
हर डील का एक कोड होता है, जैसे TP1-E-AAAAAAB, जो बाज़ी के दौरान दिखता है। उसे नई बाज़ी की विंडो में पेस्ट करने पर ठीक वही पत्ते, उसी नियम के साथ फिर बाँटे जाते हैं: आप डील दोबारा खेल सकते हैं या किसी और को खेलने के लिए दे सकते हैं। बीच का अक्षर नियम बताता है: आसान के लिए E, क्लासिक के लिए C।
क्या कोई चाल वापस ली जा सकती है?
हाँ, ऐप पिछली 100 कार्रवाइयाँ याद रखता है, जिनमें पत्ते हटाना और ड्रॉ करना भी शामिल हैं। चाल वापस लेने पर पत्ता अपनी जगह लौट जाता है और उस चाल के अंक वापस मिल जाते हैं। हालाँकि, चालों की गिनती कम नहीं होती।
क्या सूट मायने रखता है?
नहीं, केवल दर्जा मायने रखता है: पान का 7 किसी भी चिह्न के 6 या 8 पर हटाया जा सकता है। शिखरों में पत्ते की स्थिति ही तय करती है कि उसे खेला जा सकता है या नहीं।